अब इमरान खान हमारे कश्मीर में क्या चाहते हैं, क्या भारत फिर से आतंकवाद को पनपने देगा?


 क्या अब इमरखान  हमारे कश्मीर में क्या चाहते हैं?
क्या भारत फिर से आतंकवाद को पनपने दें?
कश्मीर में शांति पाकिस्तान के हित में भी है। 
२४ सितम्बर को अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से साफ कहा कि यदि भारत चाहेगा तो वे कश्मीर के मुद्दे पर मध्यस्थता करने को तैयार हैं। इमरान खान चाहते हैं कि अमरीका अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर भारत-पाक के बीच वार्ता करवाए। लेकिन सवाल उठता है कि इस वार्ता से पाकिस्तान को क्या हासिल होगा? भारत ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद ३७९ को समाप्त कर आतंकवाद को खत्म कर दिया है। सब जानते हैं कि इस अनुच्छेद ३७० के प्रावधानों की वह से कश्मीर घाटी में पाकिस्तान का प्रभाव बढ़ रहा था। इसलिए पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी हमारे कश्मीर में आतंक फैला रहे थे। लेकिन अब पाकिस्तान के कट्टरपंथियों का कनेक्शन कश्मीर घाटी से कट गया है, इसलिए घाटी में शांति है। ५ अगस्त को अनुच्छेद ३७० को हटाने की घोषणा की गई, तब से अब तक पचास दिनों में सुरक्षा बलों को एक बार भी गोली नहीं चलानी पड़ी है। अब जब हमारे कश्मीर में शांति हो रही है तो पाकिस्तान से किस मुद्दे पर वार्ता की जाए? ३७० के हटने के बाद जम्मू और लद्दाख में तो जश्न का माहौल है। पाकिस्तान को अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। अमरीका और भारत की दोस्ती पाकिस्तान ने २२ सितम्बर की रात को ह्यूस्टन में देख ही ली है। कोई देश नहीं चाहता कि आतंकवाद पनपे। अब इस बात को पाकिस्तान को भी समझना चाहिए। अच्छा हो कि पाकिस्तान कश्मीर को भूल जाए और अपने यहां बैठे कट्टपंथियों पर अंकुश लगाए। कट्टरपंथियों की वजह से पाकिस्तान को भी भारी नुकसान हो रहा है। हाउडी मोदी कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम आतंकवाद की बात कह कर पाकिस्तान की ओर ही इशारा किया है। २४ सितम्बर को इमरान खान से मीडिया के सामने संवाद करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत की मजबूत स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुनने के लिए ह्यूस्टन के स्टेडियम में ५९ हजार अमरीकी मौजूद रहे। जहां पूरे अमरीका में मोदी मोदी की गूंज हो रही है, वहीं इमरान खान की उपस्थिति को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। इमरान खान और पाकिस्तान माने या नहीं, लेकिन नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति बहुत मजबूत हुई है। अनुच्छेद ३७० को हटा कर मोदी ने बोल्ड कदम उठाया है, इससे आतंकवाद पर लगाम लगी है। पाकिस्तान को अपने ब्लूचीस्तान और सिंध प्रांत के असंतोष पर ध्यान देना चाहिए। अब कश्मीर में पाकिस्तान के लिए कोई गुंजाइश नहीं हंै। 
 


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