संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ अज़मेर की अदालत में परिवाद दायर...…


संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ अजमेर की अदालत में परिवाद दायर। 
संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के प्रमुख पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने का एक परिवाद अजमेर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किया गया है। अजमेर की  चन्दबरदाई नगर निवासी श्रीमती कुसुम ने अपने वकील अरविंद मीणा के जरिए पेश परिवाद में संजीवनी सोसायटी के केसरगंज स्थित शाखा प्रबंधक नरेन्द्र टांक, सोसायटी के अध्यक्ष जोधपुर निवासी नरेश सोनी, सोसायटी के सीईओ किशन सिंह जूली, पूर्व अध्यक्ष देवी सिंह, शैतान सिंह, विनोद कंवर तथा नारायण सिंह के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में परिवाद पेश किया। परिवाद में बताया गया है कि उसके पति रामअसारे तेली वर्ष २०१६ में सेवानिवृत्त हुए। तब एक लाख रुपए तथा पचास हजार रुपए की राशि संजीवनी सोसायटी में जमा करवाई गई। सोसायटी की ओर से तब कहा गया कि जरुरत पडऩे पर राशि बीच में भी निकाली जा सकेगी। लेकिन अब सोसयटी के पदाधिकारी राशि का भुगतान करने से मना कर रहे हैं। इस बीच सोसायटी के कई पदाधिकारी धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं। परिवाद में आग्रह किया गया कि क्लॉक टावर पुलिस से निष्पक्ष जांच करवा कर सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। उल्लेखनीय है कि आदर्श क्रेडिट सोसायटी की तरह ही संजीवनी के्रेडिट सोसायटी ने भी करोड़ों रुपया निवेशकों का जमा किया और जमा राशि को खुदबुर्द कर दिया। असल में को-ऑपरेटिव एक्ट में संस्था का पंजीयन कराने के बाद अधिक लालच देकर बैंकिंग का कार्य किया गया। यह पूरी तरह सहकारिता के नियमों का उल्लंघन रहा लेकिन सहकारिता विभाग के किसी भी अधिकारी ने ऐसी बेईमान सोसायटियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। यही वजह रही कि आदर्श क्रेडिट सोसायटी में १४ हजार करोड़ रुपए छोटे और गरीब निवेशकों का फंस गया। ऐसी ही सोसायटी संजीवनी क्रेडिट सोसायटी भी है। इस सोसायटी पर भी लाखों निवेशकों का करोड़ा रुपया हड़पने का आरोप है। 


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