छलक आए मां की आंखों में आंसु , फिर भी पुलिस के आंखों में न आई दया ।

कल रात की यह घटना बहोत ही दुःखद है जिसे उसकी माँ और छोटे भाइयो के मुख से सुनने पर आंसू छलक जायेगे जिस प्रकार की यातनाये विजय सिंह को पुलिस स्टेशन मी दी गई ऐसा शायद आपने फिल्मो में देखा होगा  ! पहले पुलिस वालों ने विजय को कस्डटी में लिया और मारते मारते पुलिस स्टेशन लाया गया ! फिर उससे मारा फिर विजय ने कहा मेरे सिने में दर्द हो रहा है , वह छाती पिटता रहा है पानी मांगता रहा लेकिन पुलिस ने एक नही सुनी, मौके पर जब उसकी माँ और छोटा भाई ने उसे पानी देने का प्रयास किया पर पुलिस वाले ने विजय के छोटे भाई को लात से। मार के भगा दिया विजय की माँ और भाई विनती करते रहे की हमे विजय को हॉस्पिटल ले जाने दो पर पुलिस वालो ने एक नही सुनी और जब वह बेहोश हो गया तो हॉस्पिटल ले जाने की जगह कहा हमारी गाड़ी में डीज़ल नही है ! फिर विजय की माँ और भाई ने टेक्सी लिया और जैसे तैसे सायन हॉस्पिटल पहोचे लेकिन तब तक बहोत देर हो चुकी थी ! और विजय की जान जा चुकी थी ! क्या यह ऐसा पहला मामला है! नही ऐसे न जाने कितने मामले रोज़ हमारे सामने आते है जो पुलिस के अत्यचारो की कहानी बयां करते है ! लेकिन जब रक्षक ही शैतान बन जाते है तो जनता को न्याय देगा कौन।