फडणवीस बोले मैं ही रहूंगा पांच साल मुख्यमंत्री, शिवसेना जवाब में बोली , यहां कोई दुष्यंत नहीं जिसके पिता जेल में हो।


फडणवीस बोले मैं ही रहूँगा ५ साल मुख्यमंत्री, जवाब में बोली शिवसेना, यहाँ कोई दुष्यंत नही जिसके पिता जेल में हो





महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कवायद में एनडीए गठबंधन में पहली फुट चुनाव परिणाम आने के बाद ही पड़ गई थी। यह फुट एक खाई का रूप लेती गई और भाजपा की सहयोगी शिवसेना अपनी मांग फिफ्टी फिफ्टी फार्मूले पर डटी रही। विधान सभा में सबसे बड़ी होने के बावजूद भी भाजपा इस अड़चन को दूर करके सरकार नही बना पा रही है। वही शिवसेना और भाजपा दोनों ही अलग अलग राज्यपाल से मुलाकात कर चुके है।इस दौरान सरकार हेतु पर्याप्त बहुमत लेकर बैठी शिव सेना भाजपा गठबंधन सरकार बनने में हो रही देर पर अपने अपने वक्तव्य जारी कर रहे है। आज सुबह मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से सरकार हेतु शिवसेना के फिफ्टी फिफ्टी फार्मूले के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कोई समझौता नही हुआ था। मैं ही अगले 5 साल मुख्यमंत्री रहूँगा। शिवसेना के फार्मूले पर उन्होंने साफ़ साफ़ नही में इनकार कर दिया है कि ऐसा कोई समझौता चुनाव पूर्व नही हुआ था।वही दूसरी तरफ शिवसेना के संजय राउत से जब सरकार बनाने में देरी की वजह पर सवाल हुआ तो उन्होंने तंजिया लहजे में कहा कि 'यहां कोई दुष्यंत नहीं हैं, जिनके पिता जेल में हों। यहां हम हैं, जो 'धर्म और सत्य' की राजनीति करते हैं। शरद जी जिन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया है जो कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।'साथ ही कहा, 'उद्धव ठाकरे जी ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं लेकिन हम उस विकल्प को स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते हैं। शिवसेना ने हमेशा सच्चाई की राजनीति की है, हम सत्ता के भूखे नहीं हैं।'बताते चले कि शिवसेना लगातार भाजपा पर हमलावर है। इस बीच शिवसेना के मुखपत्र सामना की सम्पादकीय में अर्थव्यवस्था पर कटाक्ष करते हुवे लिखा था कि “इतना सन्नाटा क्यों है भाई ?” बताते चले कि शोले फिल्म के रहीम चाचा बने ए के हगल का यह बहुचर्चित डायलाग है



Popular posts
अयोध्या में बड़ा हादसा टला , हेलीकॉप्टर की हुई इमरजेंसी लैंडिंग व पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा.
उत्तरप्रदेश के सीनियर आईएएस अफसरों के लिए खुशी की खबर..
बस्ती जिले में मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने पर पूर्व मंत्री के बेटे पर मुकदमा दर्ज..
महंगा पड़ सकता हैं ऑनलाइन डेस्क, सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज फारवर्ड करने पर ,१७ नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का इन्तजार पूरे देश को।
Image
महामूर्ख मत बनो इस संक्रमण से मर जाओगे लापरवाही मत बरसो बार-बार अपील कर रहे हैं माननीय प्रधानमंत्री जी अपने घरों में रहकर अपनी सुरक्षा स्वयं करें और देश को भी सुरक्षित रखें.