कानपुर मेट्रो का शिलान्यास समारोह शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों द्वारा शुभारंभ , पहले से व्यवस्था हुई चाक-चौबंद।

कानपुर मेट्रो के शिलान्यास के पहले व्यवस्था हुई चाकचौबंद….







कानपुर: आईआईटी से मोती झील के बीच प्रस्तावित मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमि पूजन व निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे| कार्यक्रम की जानकारी देते हुए भाजपा विधायक व कार्यवाहक नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि पिछली सरकार में मेट्रो का शिलान्यास तो हुआ मगर बजट पास न किए जाने के कारण कार्य आरंभ नहीं हो सका लेकिन हमारी सरकार ने मेट्रो प्रोजेक्ट को गंभीरता से लेते हुए बजट को पास किया और शीघ्र अति शीघ्र  शहर वासियों को मेट्रो की सौगात देने का संकल्प लिया ! मेट्रो प्रोजेक्ट के भूमि पूजन के लिए शहर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम की तैयारियों में शासन प्रशासन मुस्तैदी से लगा हुआ है| डीएम विजय विश्वास पंत ने मुख्यमंत्री के नगर आगमन पर आईआईटी परिसर में हो रही तैयारियों का जायजा लेते हुए कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार की| डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री जी आईआईटी गेट पर मेट्रो निर्माण कार्य स्थल पर निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे और उसके बाद आईआईटी सभागार में जनसभा को संबोधित करेंगे|






कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट का काम 2015 से फाइलों के बीच अटका हुआ है। पिछली सरकार में बनी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट खारिज कर नए सिरे से डीपीआर बनवाई गई। इसमें दो रूट तय किए गए। पहला आईआईटी से फूलबाग होते हुए नौबस्ता और दूसरा सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा। पहले चरण में आईआईटी से मोतीझील के बीच प्रस्तावित सेक्शन को वरीयता दी गई है। करीब 9 किमी लंबे इस रूट पर 9 मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इस रूट पर मेट्रो जीटी रोड के समानांतर चलेगी।


यह है योजना:


अक्टूबर से जीटी रोड पर पिलर के लिए नींव बनाने समेत कई अन्य काम शुरू हो चुके हैं। शासन की मंशा है कि दिसंबर-2021 तक मेट्रो का निर्माण संबंधी सारा काम पूरा कर लिया जाए। 2022 में विधानसभा चुनाव के पहले कानपुर में मेट्रो के एक हिस्से को हरी झंडी दिखा दी जाए।                    पहले भी हुआ था शिलान्यास:


अक्टूबर-2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृजेंद्र स्वरूप पार्क में मेट्रो परियोजना का शिलान्यास किया था। इस कार्यक्रम में तत्कालीन सांसद मुरली मनोहर जोशी और एम वेंकैया नायडू भी मौजूद थे।