लुटे जा रहे हैं मारीज , अस्पताल में दलालों का कब्जा।

पूर्व एमएस ने ट्ववीट कर दी जानकारी, अस्पताल प्रबन्धन पर उठे सवाल


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वाराणसी। पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश से सटे करीब पांच राज्यों के मरीजों के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का सरसुंदरलाल अस्पताल जीवनरक्षक है।  गरीब तबके के मरीजों का उम्मीद ही केवल यह अस्पताल है, मगर इन दिनों एक बार फिर अस्पताल दलालो के चंगुल में जकड़ चुका है। एमरजेंसी से लेकर वार्डों तक दवाई पहुंचाने से लेकर मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों तक ले जा रहे है। गांव-गिराव से आये मरीज इनकी चंगुल में आसानी से फंसकर लूटते जा रहे है। इन समस्या को लेकर अक्सर ही सवाल उठते रहे है मगर अस्पताल प्रशासन मौन है।  गुरूवार की देर शाम को यह मामला तब तुल पकड़ लिया जब पूर्व एमएस प्रो. विजयनाथ मिश्र ने इसकी जनकारी ट्वीट कर साझा की। ट्ववीट लिखते हुए प्रो. विजयनाथ मिश्र ने लिखा है कि अस्पताल ओपीडी के बाहर एक परिवार को गुमसुम देखा। बात करते, उनकी उदासी, आंसू बन छलक गई। 5 हजार रुपये लेकर आये थे, किसी दलाल ने किसी फर्जी चिकित्सक को बाहर दिखाकर लूट लिया। मैंने घर जाने का पैसा दिया।  ऐसी दलाली का सिस्टम बीएचयू में मरीजों को रोज खा रहा है।
दूसरे ट्वीट में प्रो. मिश्र ने लिखा है कि शाम को उन्हें बेहाल देख, मैं भी उन्ही के दुःख गम में डूब गया। हर रोज बीएचयू अस्पताल आने वाले सैकड़ों मरीजों को सुबह-सुबह भोर होने से पहले बीएचयू दीवाल  बैठे सैकड़ों फर्जी डॉक्टर उन्हें लूट लेते है और बाद में उन्हें कोई सहायता नहीं मिलती। साथ ही उन्होंने नवागत पुलिस कप्तान प्रभाकर चौधरी से उम्मीद जताई है कि वह अस्पताल को दलालों से मुक्ति दिलवाएं।
बता दें कि तत्कालीन एमएस प्रो. विजयनाथ मिश्र ने अपने कार्यकाल के दौरान अस्पताल के दीवालों पर दलालों की तस्वीर चस्पा करवा दी थी।  समय-समय पर मरीजों से शिकायत मिलने पर वह सुरक्षाकर्मियों के साथ अस्पताल में जाँच भी करवाते रहे है साथ ही हर रोज शाम मरीजों के बीच बैठकर उनकी समस्या सुन उसका निस्तारण भी करते रहे है। 


 

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