संभावना है कि १७ नवम्बर से पहले राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ जाएगा। सामाजिक और धार्मिक सौहार्द नहीं बिगड़ना चाहिए।

संभावना है कि १७ नवंबर से पहले राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ जाएगा। संघ परिवार फैसला अपने पक्ष में आने को लेकर  आशान्वित हैं फिर भी उसे इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का ध्यान है, जिसने मंदिर की जमीन को तीन बराबर भागों में बांटने का आदेश दिया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में आया है। संघ के मुताबिक फैसला जो भी आए पर यह हार -जीत का प्रश्न नहीं है । इसे सभी को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। इसलिए फैसला पक्ष में आने के बाद न जश्न् मनाने जैसी बात होनी चाहिए और पक्ष में न आने के बाद विरोध भी नहीं होना चाहिए। और सामाजिक- धार्मिक सौहार्द नहीं बिगड़ना चाहिए 


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