सोशल मीडिया के रोग से हर एक शख़्स गिरफ्त में , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को हिदायत दी।

सोशल मीडिया के रोग ने हर एक को गिरफ्त में ले रखा है। चाहे वो आम हो या खास हर कोइ इस्तेमाल में काम को भी ताक में रखने को तैयार रहता है। हलांकि यदि मामला वीवीआईपी सुरक्षा से जुड़ा हो तो अधिकारी अपने कर्मचारियों के बारे में एक एक जानकारी एकत्र कर लेना चाहते है और उनकी खामियों को दूर करने पर भी फिक्रमंद रहते है। ऐसे सुरक्षा की जिम्मेदारी सम्हालने वाले पुलिस कर्मियों को वीआईपी के आगमन और प्रस्थान करने तक सोशल मीडिया से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।मामला है कानपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कानपुर आगमन का। महामहिम 30 तारिख को कानपुर के विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे है और जम्मू कश्मीर से धारा 370 के खात्मे के बाद बनी स्थितियों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है जिसमें देश में प्रमुख लोगों के कार्यक्रम पर सबकी नजर रहती है। इसी कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे कानपुर के पुलिस उपमहानिदेशक प्रेम प्रकाश ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को सख्त दिशानिर्देश दिये। प्रेम प्रकाश ने कहांकि राष्ट्रपति के शहर में आगमन और प्रस्थान के बीच में कोई भी पुलिस कर्मी फेसबुक वाट्सऐप जैसे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर काम न करे और पूरा ध्यान सुरक्षा पर लगाए और यदि किसी को भी इन सब बातों को नजरंदाज करते पाया गया तो कठोर कार्यवाही की जाएंगी।कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के बावत बैठक कर रहे एडीजी ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सभी सुरक्षाकर्मी पूरी तरह चौकन्ने रहेंगे और किसी संदिग्ध आदमी के बारे में तत्काल अधिकारियों को सूचित करें और इस दौरान उसपर नजर बनाए रखें। उन्होने कहा कि सुरक्षा में तैनात सिपाही अपने अगल बगल में खड़े सिपाही और अधिकारी कद भी पहचानने के बाद ही प्रवेश दे। सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।शनिवार के राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए शुक्रवार को माँक ड्रिल की गई और साथ ही वायूसेना के विमानों ने रिहर्सल किया जिसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरस्त किया जा सके। कल के कार्यक्रम के लिए शहर के सभी बड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का बारीखी से निरीक्षण किया। शहर के जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव ने भी सुरक्षा को जायजा लिया।