वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुरोहित दंपत्ति हत्याकांड - पर्दे के पीछे का क्या है रहस्य , भाग्य १ घटना से सम्बंधित एक कलिप।


वाराणसी २१ सितम्बर की वह सुबह अमूमन सब कुछ ठीक ठाक है के तर्ज पर ही हुई थी। सुबह अभी नर्म बिस्तर पर अंगड़ाई ही ले रही थी, चिडियों ने आल इज वेल कहते हुवे चहचहाना अभी कम ही किया था, तभी समाचार प्राप्त हुआ कि चेतगंज थाना क्षेत्र के काली मोहाल निवासी पुरोहित के के उपाध्याय और उनकी पत्नी ममता उपाध्याय की दिल दहला देने वाली हत्या उनके खुद के घर में हो गई है। खबर पर सभी दौड़ पड़े। शहर में दहशत का माहोल कायम हो गया। मौके पर के के उपाध्याय की लाश उनके घर के दरवाज़े के पास तो उनकी पत्नी ममता की लाश घर के अन्दर पड़ी थी।


पूरा प्रशासन हडकम्प की स्थिति में था। हत्यारोपी काण्ड करके मौके से भाग चुके थे। घटना को देख कर ही प्रतीत हो रहा था कि पुरे परिवार की हत्या करने का प्लान तैयार किया गया था। मृतक के बड़े बेटे सुमित उपाध्याय के तहरीर पर पुलिस ने मृतक के भाई राजेंद्र उपाध्याय, उसकी पत्नी पूजा उपाध्याय राजेंद्र का बेटा रजत उपाध्याय, उसका नौकर रामविचार आदि के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश और सुरगाशी ब्वास्ते गिरफ़्तारी शुरू किया। पुलिस को मामले के कई सुराग हाथ लगे।पुलिस सूत्रों की माने तो तफ्तीश में पहाड़िया निवासी अच्छे खान के घर से हत्यारोपियो के खून से सने कपडे बरामद हुवे। अच्छे खान पहले तो पुलिस से हत्यारोपियो से सिर्फ जान पहचान की बात कहता रहा मगर जब तलाशी हुई तो उसके घर से कपडे आदि बरामद हुवे। इसके उपरांत हत्या में प्रयुक्त वाहन बरामद हुवे, मगर मुख्य अभियुक्त राजेंद्र, रजत और उसकी पत्नी पूजा फिर भी पुलिस गिरफ्त से बाहर थी। पुलिस ने राजेंद्र के कमरे की तलाशी लिया। एक कंप्यूटर छोड़ कर राजेंद्र ने अपना कमरा पूरा लगभग खाली कर दिया था। इंग्लिश से एमए पास होकर एलएलबी करने वाली राजेंद्र की पत्नी पूजा की कुछ किताबे बरामद हुई जो आज भी उसी स्थिति में उसके कमरे में पड़ी है। चंद मुट्ठी अनाज के अलावा कुछ बर्तन ही थे। पूरा कमरा खाली था।कहा हुई है पुलिस से चुक :-मृतक दंपत्ति के बड़े बेटे सुमित ने सिगरा थाना क्षेत्र स्थित लल्लापुरा चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाया था कि उसने कई बार उनको बताया था और लिखित तहरीर भी दिया था कि राजेंद्र के पास अवैध असलहे है। मगर चौकी इंचार्ज ने उसकी बात का संज्ञान नही लिया। शायद घटना में पुलिस की पहली चुक यही थी। अगर चौकी इंचार्ज ने इसका संज्ञान लिया होता और असलहा बरामद करने का प्रयास किया होता तो शायद घटना नही होती। बहरहाल चौकी इंचार्ज पर विभागीय कार्यवाही हो चुकी है।इसको पुलिस की चुक ही कहेगे कि मुख्य हत्याभियुक्त राजेंद्र, उसकी पत्नी पूजा और बेटा रजत पुलिस के नाक के नीचे से निकल कर अदालत के शरण में जाकर सरेंडर कर देते है। कई दिनों के तलाश और इनाम घोषित होने के बाद भी तीनो तक पुलिस पहुच ही नहीं पाई थी। अगर पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी को माने तो पुलिस ने काफी दबिशे दिया था, मगर गिरफ्तार करने में सफलता नही पा सकी। कही न कही तीनो यह अपराधी पुलिस से तीन घंटे आगे ही रहे।बहरहाल वर्तमान समय में पुलिस चार्जशीट तैयार कर रही है। चार्जशीट में सभी पहलुओ पर पुलिस गौरो फिक्र कर रही है जिससे अभियुक्तों को इस जघन्य हत्या की कड़ी से कड़ी सजा अदालत के द्वारा दिलवाया जा सके। इस सबके बीच हमको एक चित्र प्राप्त हुआ है। जो मृतका ममता उपाध्याय द्वारा घटना की सुबह के रात को खीचा गया बताया जा रहा है। चित्र में राजेंद्र अपने घर पर लगे कैमरों को खुद अपने हाथो से उतार रहा है। कानून की जानकर उसकी पत्नी ने शायद ऐसा इस कारण करवाया होगा कि घटना में कोई वीडियो फुटेज पुलिस को न प्राप्त हो सके।मृतक दंपत्ति के बड़े बेटे सुमित ने हमसे बात चीत के दौरान यह चित्र प्रदान किया जिसको देख कर लगता है कि हत्या की यह घटना पूरी सोची समझी रणनीति के साथ हुई थी। यह चित्र मृतक दंपत्ति के बेटे सुमित के मोबाइल में प्राप्त हुआ है। बताया जा रहा है कि यह चित्र उसकी मृत माता ने घटना के एक रात पहले ही खीचा था। बताया जा रहा है कि घटना के एक दिन पहले देर रात को मुख्य हत्यारोपियो में एक राजेंद्र ने खुद के घर में लगाए गये कैमरे को खुद ही उतारा था। फोटो में बाइक पर खड़ा इंसान राजेंद्र है। फोटो घटना के होंने से पूर्व का है।




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