डिप्टी कमिश्नर श्रीमती ईशा कालिया ने कहा की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को कारगर बनाने , वह आम जनता की भागीदारी बनाने के लिए मांगे सुझाव जिला प्रशासन के लिए बहुत अहम ..


बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में आम जनता की भागीदारी यकीनी बनाने के लिए दिए गए सुझाव अहम : डिप्टी कमिश्नर
- कहा, अभियान को और कारगर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के सुझाव हुए प्राप्त
- चुने गए बेस्ट 3 सुझावों को जिले में किया जाएगा लागू
होशियारपुर, 17 जनवरी:
डिप्टी कमिश्नर श्रीमती ईशा कालिया ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और कारगर बनाने व आम जनता की भागीदारी बनाने के लिए मांगे गए सुझाव जिला प्रशासन के लिए बहुत अहम हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बेटियों की भलाई के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के व्यक्तियों ने अहम सुझाव दिए हैं, जिनमें से तीन बेस्ट सुझाव चुन कर जिले में लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस अभियान को और कारगर बनाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य जहां बेटियों की भलाई के लिए विशेष कदम उठाना है, वहीं जनता की ज्यादा से ज्यादा शमूलियत यकीनी बनाना भी है।
श्रीमती ईशा कालिया ने कहा कि बेस्ट सुझाव के अंतर्गत संंबंधित स्कीम को सुझाव देने वाले व्यतिक्तयों से ही लांच करवाया जाएगा।
उधर इस प्रोजैक्ट के अंतर्गत नियुक्त किए कोआर्डिनेटिंग अधिकारी जिला प्रोग्राम अधिकारी के पास आए इन सुझावों में आयुष शर्मा ने जहां महिला सशक्तिकरण व उनके उत्थान के लिए मैं भी अभियान शुरु  करने का सुझाव दिया वहीं सुखविंदर कौर ने स्कूलों में कालेज में लड़कियों के कैरियर, पोषण व सामाजिक काउंसलिंग के लिए विशेष सैल गठन करने क। सुझाव देते हुए महिलाओं को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के लिए बौद्धिक तौर पर मजबूत करने के लिए कहा।
एडवोकेट पवनप्रीत सिंह मुज्गोवाल ने आठवीं, दसवीं व बारहवीं में 90 प्रतिशत व इससे अधिक अंक लाने वाली छात्राओं को छात्रवृति देने की बात रखी वहीं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ट्रेनिंग देकर गांव में ही स्व रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का सुझाव भी दिया। डा. अदिति बख्शी ने महिलाओं की सुरक्षा को और यकीनी बनाने के लिए वूमैन पी.सी.आर. बाइक्स शुरु  करने के अलावा शहर के प्रमुख स्थानों पर वूमैन पुलिस हैल्पलाइन बीट बाक्स बनाने का सुझाव दिया।
 श्री बलवीर सैनी ने जरु रतमंद लड़कियों को नि:शुल्क शिक्षा, वर्दी व किताबें देने के सुझाव के साथ-साथ होनहार छात्राओं का छात्रवृति देने के लिए कहा। मीनू ने दो लड़कियों वाले अभिभावकों को सम्मानित करने का सुझाव दिया। जसविंदर कौर ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर सख्त रु ख अपनाने व महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।
श्री धर्म पाल ने छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा, वर्दी व छात्रवृति देने व उनको समाज में बराबर हक व सम्मान देने की बात कही। मैडम सिनाली, पलक शर्मा व नीलम कुमारी ने लड़कियों को सैल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देने, उन्हें नि:शुल्क शिक्षा व सुरक्षा यकीनी बनाए जाने संबंधी सुझाव दिए। राज कुमार ने लड़कियों की पढ़ाई को नि:शुल्क व अनिवार्य करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के अवसर मुहैया करवाने संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा को सख्ती से निपटने के लिए भी कार्रवाई और तेज होनी चाहिए। सेवा सिंह ने जहां कन्या भ्रूण हत्या पर सख्ती से रोक, बेटियों की सुरक्षा, बराबरी की बात कही वहीं यह भी जोर दिया कि सांस्कृतिक गीतों में अश्लीलता पर रोक होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने गांव व ब्लाक स्तर पर महिला संगठन बनाने का भी अपना सुझाव दिया।