इंडो - नेपाल बॉर्डर के प्रवेश स्थलों पर खुलें हेल्थ चेकपोस्ट , करोना वायरस से देश को बचाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एयरपोर्ट पर चाइना व संक्रमित देशों से आने वाले ट्रैवल्स की जांच इसोलेशन की व्यवस्था कर दी है ...

*इंडो-नेपाल बार्डर के प्रवेश स्थलों पर खुलें हेल्थ चेकपोस्ट।*
करोना वायरस से देश को बचाने के लिये स्वास्थ्य मंत्रालय ने एयर पोर्ट पर चाइना व संक्रमित देशो से आने वाले ट्रवेलर्स की जांच व इसोलेशन, अट्ठिस दिन तक फालोअप ,इसोलेशन आदि की ब्यवस्था कर दी है।पर देश में इस खतरनाक वायरस को आने से रोकने के लिये यह पर्यापत ब्यवस्था नहीं। विदित है कि १५०० किलोमीटर लंबे इ्ंडो- नेपाल बार्डर पर दर्जनों ऎसे प्रवेश द्वार हैं जहां चीन ,जापान आदि करोना संक्रमित देशों से प्रतिदिन तमाम विदेशी नागरिक व बौद्ध धर्म के अनुयाई आते हैं।इसकी वजह से भारत में करोना वायरस से एपिडेमिक का खतरा है।अभी तक देश में कोई केस नह है।सरकार से निवेदन है की करोना को बार्डर पर ही चेक करने के लिये " हेलथ चेक पोस्ट " स्थापित कराये। 
यहां यह बताना समीचीन होगा कि इस सदी की शुरुआत में मैंने " सार्स" से देश को बचाने के लिये सोनौली -भैरहवा बार्डर पर एक रॆली व आंदोलन किया था।सरकार को पत्र भी लिखा था। उसके बाद नेपाल के रास्ते आने वाले ट्रवेलर्स की जांच के लिये हेल्थ चेकपोस्ट स्थापित किये गये थे। वहां पर आने वाले सभी लोगों की सार्स से संक्रमित होने की जांच की जाती थी।इस प्रकार सार्स के आतंक से भारत को मुक्ति मिली। मिसन सेव इन इंडिया का सरकार से सादर अनुरोध है की इंडो- नेपाल बार्डर के सभी प्रवेश स्थलों पर शीघ्रातिशीघ्र हेल्थ चेक पोस्ट स्थापित कराये।तभी करोना को देश में आने से रोका जा सकेगा।यह एक नया,खतरनाक व तेजी से फैलने वाला वायरस है।इसका न तो इलाज है न ही कोई वैक्सीन।
सादर 
डा आर एन सिंह ,
संयोजक,
मिसन सेव इन इंडिया,
२५ जनवरी, २०२०,
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
**************************************