जेएनयू में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद खुफिया रिपोर्ट के मध्य नजर तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय में हाई अलर्ट जारी , एबीवीपी ने फूंका वामपंथियों का पुतला , कई जगह में पुलिस बल तैनात।





वाराणसी/भदैनी मिरर। जेएनयू में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय में अलर्ट जारी कर दिया गया। इलाहाबाद, अलीगढ विश्वविद्यालय के साथ ही बीएचयू में भी अलर्ट जारी कर दिया गया। सुबह से ही भारी मात्रा में फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई। देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ के मुख्यद्वार पर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ महामंत्री ऋषभ पांडेय और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने धारा 144 का उल्लंघन करते हुए विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई नेता सरिता पटेल ने बताया कि जेएनयू में जिस तरह से एबीवीपी और भाजपा के गुंडों ने निर्दोष छात्रों को पीटा है। छात्र शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे है और भाजपा उन्हें पीट रही है, तो अब ये युवा जिन्होंने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है उन्हें अब ऐसे ही पिटेगी। सरिता ने कहा कि ये सिर्फ जेएनयू का ही नहीं बल्कि पुरे देश का ममला है। अब पुरे देश के छात्र सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने साफ किया कि मोदी जी नहीं चाहते कि कहीं भी कोई प्रदर्शन हो इसलिए हर जगह धारा 144 लागू है। आज हम सभी ने इसका उल्लंघन किया है। एबीवीपी के गुंडे जब मारपीट करते हैं तो धारा 144 प्रभावी नहीं होता है और पर उनके खिलाफ कोई आवाज उठाता है तो धारा 144 लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। इस दौरान छात्रसंघ महामंत्री ऋषभ पांडेय ने कहा की जेएनयू में हॉस्टल फीस वृद्धि के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कुछ छात्रों या यूँ कहें एबीवीपी के गुंडों ने बर्बर तरीके से मारा, जिससे कई को गंभीर चोटें आई और वे अस्पताल में भर्ती हैं। इनका गृहमंत्री अमित शाह ने भी साथ दिया। पुलिस कैंपस में जरूर आई पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया और वह लोग वापस आराम से बाहर निकल गए। ऋषभ ने कहा की अब छात्र और ज्यादा तादात में सरकार के रवैये का विरोध करेंगे।



वहीं रविवार की रात जे एन यू में छात्रों पर किए गए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को बीएचयू के एबीवीपी के छात्रों ने छात्रनेता डॉ अरुण कुमार चौबे के नेतृत्व में प्रदर्शन कर वामपंथ का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। इस दौरान सैकड़ो छात्र महिला महाविद्यालय चौराहे से वामपंथ के विरोध में नारेबाजी करते हुए हाथों में तख्तियां लेकर सिंहद्वार पहुंचे जहाँ पहले से मौजूद पुलिस बल ने गेट बंद कर दिया। बाहर निकलने के लिए गेट खोलने को लेकर पुलिस और छात्रों में जमकर धक्कामुक्की हुई। इस दौरान छात्रनेता डॉ अरुण कुमार चौबे ने कहा कि निर्दोष छात्रों के ऊपर जानलेवा हमला करना नक्सली हिंसा का एजेंडा है जिसमे वामपंथी स्वयं हमला करके शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब कर रहे हैं। अरुण चौबे ने मांग किया कि हमले के दोषी छात्रों की तत्काल गिरफ्तारी हो और इनसे वसूली कर घायल छात्रों को आर्थिक हर्जाना दिया जाए,इन हमलावरों का तत्काल विश्विद्यालय से निष्कासन हो और भविष्य में भारत के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में इनको प्रवेश न मिले। इनके ऊपर कठोर कानूनी करवाई हो और इस पूरे प्रकरण के पीछे शामिल कॉंग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी हो।


संपर्क सूत्र कलाम द ग्रेट न्यूज ।


मीडिया प्रभारी जय यादव।


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