लखनऊ उत्तर प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द करें लागू , आज बार काउंसिल की बैठक में तय होगी आंदोलन की रणनीति.

लखनऊ राजधानी में अधिवक्ता शशि त्रिपाठी की हत्या के बाद वकीलों में जबरदस्त आक्रोश है। वह अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। शुक्रवार को यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने कहा पिछले कुछ महीनों में कई वकीलों की नृशंस हत्या की गई है और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है।  सरकार तत्काल अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करें और अधिवक्ताओं के लंबित लाइसेंस भी जारी किए जाएं। उन्होंने वकीलों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। काउंसिल की शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक होगी और इसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। हरिशंकर सिंह ने कहा कि 70 वर्ष की आयु तक के अधिवक्ताओं की मृत्यु होने पर उनकी विधवाओं को 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है लेकिन पिछले 2 वर्षों से राज सरकार ने इस कल्याण निधि के तहत रकम जारी नहीं की , ऐसे में मृतक वकीलों की विधवाओं के करीब 500 आवेदन लंबित हैं। राज सरकार तत्काल पिछले 2 वर्षों का बकाया 80 करोड़ रूपया जारी करें। वहीं मृतक शिशिर त्रिपाठी के परिवार को 50 लाख रुपए सहायता राशि देने की मांग भी की गई । न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि सिर्फ मेटल डिटेक्टर लगाकर खानापूरी की जा रही है।