२०२० का बजट के प्रमुख टेक्स्ट : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , २०१९ के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की सरकार को बहुमत मिला , चुनाव नतीजे हमारी नीतियों पर मिला जनादेश.

2020 का बजट के प्रमुख टेक्स्ट: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 


2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की सरकार को बहुमत मिला, ये चुनाव नतीजे हमारी नीतियों पर मिला जनादेश हैं। 


ये बजट देश की आकांक्षाओं का बजट है।


GST का कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है और हाल ही में इसने 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है।


GST काउंसिल की ओर से लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है।
हमारे लोगों के पास रोजगार होना चाहिए। 


यह बजट उनकी आय सुनिश्चित करने और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाने के लिए है।



हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की नीति पर आगे बढ़ रही है।


पंडित दीनानाथ कौल द्वारा रचित कविता के माध्यम से बजट सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसे, हमारा वतन डल झील में खिलते हुए कमल जैसा,नवजवानों के गर्म खून जैसा,
मेरा वतन, तेरा वतन, हमारा वतन
दुनिया का सबसे प्यारा वतन।।


भारत आज दुनिया में बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं की अगुवाई कर रहा है।


2014 से 2019 के बीच मोदी सरकार की नीतियों की वजह से 284 बिलियन डॉलर का FDI आया, जिसने कारोबार को बढ़ाया।


केंद्र सरकार का ऋण घटकर अब 48.7 फीसदी पर आ गया है।


इस बजट में तीन बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है- उम्मीदों का भारत, इकोनॉमिक डेवलेपमेंट और केयरिंग समाज।


साल 2009-14 के दौरान मुद्रास्फीति 10.5% के दायरे में थी। अब हम विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं।



हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।


बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ का कृषि ऋण का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री किसान के सभी पात्र लाभार्थी केसीसी स्कीम में शामिल किए जाएंगे।


कृषि को प्रतिस्पर्धात्मक बनाकर किसानों की उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है।


GST के कारण Transport और logistics क्षेत्रों में बढ़त देखने को मिली है, इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ है।


 इससे MSME उद्योगों को भी लाभ मिला है।


GST से उपभोक्ताओं को 1 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ 
भी मिला है।


हमने 60 लाख नए करदाताओं को जोड़ा।


जीएसटी से देश आर्थिक रूप से एकीकृत हुआ।


2019 में सरकार का कर्ज घटकर जीडीपी का 48.7 फीसद हुआ।


2014-2019 में एफडीआइ बढ़कर 284 अरब डॉलर तक पहुंचा।


पिछले 4 साल में 60 लाख नए करदाताओं को जोड़ा।


5 साल में औसत महंगाई दर 4.5 फीसदी रही।


5 साल में औसत जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी रही।


दूध, मछली और मांस सेमेत खराब होने वाली वस्तुओं के लिए किसान ट्रेन चलाई जाएगी।


मॉर्डन एग्रीकल्चर लैंड एक्ट को राज्य सरकारों द्वारा लागू करवाएंगे।


100 सूखा ग्रस्त जिलों के विकास पर काम होगा।


20 लाख किसानों को सोलर पंप मुहैया करवाएंगे।


पीएम फसल बीमा योजना से करीब 6.22 करोड़ किसानों को लाभ।



किसानों के लिए निर्मला का बड़ा ऐलान, बजट में पेश किया 16 सूत्री फॉर्मूला


PPP मॉडल के तहत किसान रेल बनेगी: वित्त मंत्री


कैमिकल फर्टिलाइजर इंसेंटिव तरीके को बदलेंगे: वित्त मंत्री


Budget 2020: धान्य लक्ष्मी योजना के जरिए महिलाओं को नाबार्ड की मदद से बीज बैंक बनाने की सुविधा


फसल उत्पादन के लिए समुचित संख्या में वेयर हाउस बनाएंगे: वित्त मंत्री
बंजर जमीन पर सौर ऊर्जा के लिए 15 लाख उपकरण लगाने के लिए सुविधा देगी सरकार: वित्त मंत्री


2025 तक दूध प्रसंस्करण क्षमता को दोगुना कर 10.8 करोड़ मी. टन करने का लक्ष्यः वित्त मंत्री


अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मार्गों पर कृषि उड़ानों की शुरुआत होगीः वित्त मंत्री


किसान क्रेडिट के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य: वित्त मंत्री


नाबार्ड री-फाइनेंसिंग स्कीम का दायरा बढ़ाएंगे: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण



2024 तक सभी जिलों में जन औषधि केंद्र का विस्तार होगाः वित्त मंत्री


टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान शुरू किया गया हैः वित्त मंत्री


Budget 2020: आयुष्मान योजना के तहत बनाए जाएंगे नए अस्पताल


जल जीवन मिशन के लिए 3.60 लाख करोड़ का अनुमोदन



नई शिक्षा नीति की घोषणा जल्द की जाएगी


स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रु. की घोषणा


मार्च 2021 तक, 150 उच्चतर शिक्षण संस्थान शिक्षुता संबद्ध कोर्स की शुरूआत होगी


Budget 2020: एजुकेशन सेक्टर के लिए एफडीआई लाया जाएगा


बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ का प्रस्ताव। राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय का प्रस्ताव। कौशल विकास के लिए 3 हज़ार करोड़ का प्रस्ताव


सरकार ओडीएफ प्लस के लिए वचनबद्धः वित्त मंत्री


शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रु. का प्रस्तावः वित्त मंत्री


जिला अस्पतालों में मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रावधान


सेहत सुधारने के लिए निर्मला का ऐलान, स्वास्थ्य योजनाओं को 70 हजार करोड।