उत्तर प्रदेश के देवरिया - जनपद में योगी सरकार स्वास्थ्य विभाग को स्वस्थ करने के लिए लाख कोशिश व दावा कर लें , किन्तु भ्रष्ट अधिकारी चंद्र लाभ के लिए सरकार के हर मुहिम को दांव पर लगा देते हैं , हो रहे अवैध कारोबार.

उत्तर प्रदेश का देवरिया जनपद
योगी सरकार मे स्वास्थ्य विभाग को स्वस्थ करने के लिए लाख कोशिश व दावा कर ले लेकिन देवरिया के भ्रष्ट अधिकारी चंद्र लाभ के लिए सरकार के हर मुहिम को दाव पर लगा देते हैं आपको बता दें कि देवरिया जनपद में प्राइवेट अस्पतालों में हो रहे अवैध कारोबार और सरकारी महिला अस्पतालों में हो रहे भ्रष्टाचार को देखकर सब कुछ जानने के बाद भी अधिकारी अनदेखी करते रहे हैं ।


एक ऐसा ही मामला जिला महिला चिकित्सालय का जहा नरियांव निवासी दूर्गेश अपनी पत्नी राजकुमारी को रविवार के दिन जिला महिला अस्पताल मे प्रसव पिड़ा होने पर लेकर भर्ती कराने आया लेकिन अस्पताल की महिला डाक्टर व दलालो की मिली भगत से ईलाज करने की वजाय मेडिकल कालेज के नाम पर रेफर बना देती है जहा अस्पताल पर सुबह से ही घूम रही आशा कार्यकत्री व दलाल मरीजो को बहकाकर महिला डाक्टरो के माध्यम से प्राइवेट नर्सिगं होम प्रतीभा हास्पीटल पर ले जाकर मरीज के परिजन से मोटी रकम दिलवाया जाता हैं जिसमे आशा कार्यकत्री व दलालो का भी पांच हजार रूपये बधा होता है। जहा गरीब व पिडित ,मजबूर मरीज कर्जा खोज या बंन्धक रखकर ईलाज कराने आते है। 


हम बता दे कि देवरिया जनपद की आशा कार्यकत्री क्षेत्र में कार्य करने की वजाय जिला महिला चिकित्सालय पर दिन भर घूमती रहती है जिनका मुख्य पेशा बन बैठा है कि जिला अस्पताल से मरीजो को बहकाकर प्राईवेट मे पहुंचाना। 
गरीबों पर हो रहे जुल्म स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ती एवं जिला महिला देवरिया चिकित्सालय के गेट पर बैठी महिला दलाल मरीजो को कब तक प्राइवेट नर्सिंग होम मे पहुंचाती रहेगी। 
इसको अधिकारी भली भाति जानते है लेकिन इन आशाओ पर कार्यवाही नही किया जाता है। विभागीय लापरवाही और मनमानी के कारण 
प्राइवेट नर्सिगं होम,झोला छाप डाक्टरो का मनोबल बढ़ता जा रहा है। जांच के नाम पर चंन्द रूपये के लालच मे अधिकारी कागजो मे ही कोरम पुरा कर छोङ देते है।
देवरिया स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भ्रष्टाचार की जड़ मजबूत होने के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। इलाज कराने आये गरीब मरीजो को बाहर की महंगी दवा लिखकर चिन्हित मेडिकल स्टोर से ही मंगवाते है।


 योगी सरकार में क्या गरीबो को दवा के अभाव में अब मौत का मुंह देखना पड़ेगा ।