वाराणसी राहत: काशी में किसी मरीज को नहीं पड़ी वेंटीलेटर , रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे तगड़ी..

वाराणसी - अब इसे बाबा विश्वनाथ की कृपा कहें या बेहतर खानपान का परिणाम की बनारस में भर्ती कोरोनावायरस ग्रस्त किसी भी मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत नहीं पड़ी। कुल 60 मरीजों में से 8 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं । लगभग इतने ही मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर अस्पताल से बाहर आने वाले हैं। शेष मरीज भी स्वस्थ होने की प्रक्रिया में हैं। कुल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने समूचे देश में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर 3.2% बतायी थी। परंतु वाराणसी में यहां दर मात्र 1.66 प्रतिशत है कुल 60 मरीजों में से मात्र एक मरीज ने दम तोड़ा है। गंगापुर के जिस मरीज की मौत हुई वह पहले से कई बीमारियों से ग्रस्त था तथा उम्र भी अधिक थी। सीएमओ बीबी सिंह ने काशीवार्ता को बताया की वेंटिलेटर तो दूर की बात है अभी तक किसी मरीज को ऑक्सीजन तक नहीं लगाई गई है प्रोग्राम मरीजों को साधारण सर्दी जुकाम व बुखार की दवाएं भी दी जा रही हैं। हालांकी कुछ दवाएं अभी बदली गई हैं। सीएमओ ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।


शेष भारत के 3.2% के सापेक्ष वाराणसी में मृत्यु दर मात्र 1.66 फीसदी


जनपद के सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सालय में 186 वेंटीलेटर मौजूद हैं। सरकारी इंतजामों दवाइयां जो भी असर कर रही हो परंतु एक बात से इंकार नहीं किया जा सकता लगातार दुआएं व प्रदूषण में रहते रहते शहरवासियों ने अपनी प्रतिरोधक क्षमता इतनी मजबूत कर ली है कि अब कोरोना जैसे घातक वायरस का वार भी आसानी से झेल जा रहे हैं। शहर का जाम व प्रदूषण को कभी अभिशाप माना जाता था, वहीं अब वरदान बनकर उभर आया है।


कलाम द ग्रेट न्यू से


रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान प्रकाश दुबे।


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