भारत से विवाद पड़ा भारी , नेपाल के पीएम ओली ऐसे फस गए अपनी सियासी चाल में.

*भारत से विवाद पड़ा भारी, नेपाल के PM ओली ऐसे फंस गए अपनी ही सियासी चाल में. 


भारत के पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक घटनाक्रम काफी तेजी से बदल गया है. लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने राष्ट्रपति से मुलाकात की, फिर आपात बैठक बुलाई. इस बैठक में नेपाल संसद के मौजूदा बजट सेशन को रद्द करने का फैसला लिया गया. अब शाम को नेपाली पीएम केपी ओली अपने देश की जनता को संबोधित करेंगे, खबर है कि वो कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं.


*भारत विरोध पड़ गया भारी?*


गौरतलब है कि नेपाल में राजनीतिक संकट की शुरुआत तब हुई थी जब नेपाल की ओर से नया नक्शा जारी किया गया. नेपाल ने संसद में नया राजनीतिक नक्शा जारी किया, जिसमें उत्तराखंड के तीन गांवों को अपने देश की ज़मीन बताया गया. इस नक्शे का भारत ने पुरजोर विरोध किया, लेकिन नेपाल बाज नहीं आया और नक्शा जारी कर दिया.इसके बाद कई मौकों पर केपी ओली को भारत विरोधी बयान देते हुए सुना गया, जिसमें कोरोना वायरस से खतरनाक वायरस भारत से आने वाला वायरस जैसा बयान या फिर भारत पर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाना हो. हालांकि, हर मौके पर भारत ने केपी ओली के बयानों का खंडन ही किया.


*प्रचंड ने संभाला मोर्चा*


इस सबके बीच नेपाल का चीन के प्रति मोह बढ़ता गया और लगातार वह चीन की चाल में फंसता गया. इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड भी एक्टिव हुए और लगातार केपी ओली पर हमला तेज कर दिया. पहले उन्होंने नेपाली पीएम से ये साबित करने को कहा कि भारत ने किस तरह उनकी सरकार को अस्थिर किया, कहा कि ऐसे बयान भारत से संबंध बिगाड़ सकते हैं. इतना ही नहीं प्रचंड ने साफ कहा कि भारत नहीं बल्कि वो उनका इस्तीफा चाहते हैं.


Popular posts
अयोध्या में बड़ा हादसा टला , हेलीकॉप्टर की हुई इमरजेंसी लैंडिंग व पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा.
उत्तरप्रदेश के सीनियर आईएएस अफसरों के लिए खुशी की खबर..
बस्ती जिले में मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने पर पूर्व मंत्री के बेटे पर मुकदमा दर्ज..
महंगा पड़ सकता हैं ऑनलाइन डेस्क, सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज फारवर्ड करने पर ,१७ नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का इन्तजार पूरे देश को।
Image
महामूर्ख मत बनो इस संक्रमण से मर जाओगे लापरवाही मत बरसो बार-बार अपील कर रहे हैं माननीय प्रधानमंत्री जी अपने घरों में रहकर अपनी सुरक्षा स्वयं करें और देश को भी सुरक्षित रखें.