जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष निरंजन ने जिले में 31 जुलाई तक लागू की धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता..

बस्ती।जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष निरंजन ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 तथा आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के अन्तर्गत जनपद में 31 जुलाई तक निषेधाज्ञा लागू किया है। उन्होने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 05.00 बजे तक सभी व्यक्तियों, वाहनों केवल आवश्यक गतिविधियो को छोड़कर आवागमन निषिद्ध रहेंगा। 


 उन्होने निर्देश दिया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रिया तथा 10 वर्ष से नीचे के आयु के बच्चो का घरो के अन्दर रहना अनिवार्य है, केवल स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओ हेतु बाहर निकल सकते है। 


उन्होने निर्देश दिया कि जनपद के समस्त स्कूल, कालेज, शैक्षिक/प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान, सिनेमाहाल, जिम्नेजियम, तरणताल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार एवं सभागार, समस्त सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम एवं अन्य सामूहिक गतिविधिया संचालित नही की जायेंगी। उन्होने कहा कि पान, बीडी, सिगरेट, पान मसाला की दुकाने पूर्णतया बन्द रहेंगीं।


उन्होने निर्देश दिया कि प्रतिदिन प्रातः 09.00 बजे से सायं 09.00 बजे के मध्य केमिस्ट शाॅप, किराना, ब्रेड, दूध की दुकाने, पीडीएस शाॅप, प्रिन्टिंग प्रेस, ड्राई क्लीनर्स, गैस एजेन्सी, पेट्रोल पम्प, कृषि यंत्रों के उपकरण, खाद-बीज, पशु आहार, मोटर साईकिल मरम्मत की दुकाने, टेलर, पलम्बर की दुकाने खुलेंगी।


 उन्होने निर्देश दिया कि नर्सिंग होम एवं प्राईवेट अस्पतालों को इमरजेंसी एंव आवश्यक आपरेशन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित मानक व प्रोटोकाल का पालन करते हुए खोले जाने की अनुमति प्रदान की गयी है। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा तथा मुख्य चिकित्साधिकारी की स्पष्ट अभियुक्त के पश्चात जिला मजिस्ट्रेट द्वारा निर्णय लिया जायेंगा। उक्त समस्त कार्यवाही 72 घण्टे में सम्पादित किया जायेंगा। 


 उन्होने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, पुलिस विभाग के कर्मियों कोविड-19 से बचाव एवं रोकथाम में लगे अन्य विभागीय कर्मियों को जनपद में आवागमन की अनुमति इस प्रतिबन्ध के साथ रहेगी कि उनके द्वारा कोविड-19 के सभी सुसंगत प्रोटोकाल का अनुपालन किया जायेंगा। 


 उन्होने निर्देश दिया कि जनपद में निषेधाज्ञा के किसी अंश का उल्लघंन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 व आपदा प्रबन्ध अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। आदेश के उल्लघंन का संज्ञान जनपद में तैनात पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अथवा उससे वरिष्ठ किसी भी पुलिस अधिकारी अथवा तहसीलदार मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट/अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लिया जायेंगा।


                                             वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान प्रकाश दुबे बस्ती. 


 


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