गोरखपुर पहुंचा देश का सबसे ताकतवर रेल इंजन, जाने इंजन की खासियत के बारे में..

*गोरखपुर पहुंचा देश का सबसे ताकतवर रेल इंजन*


देश का सबसे ताकतवर इलेक्ट्रिक रेल इंजन (लोकोमोटिव) डब्ल्यूएजी-12 सोमवार को पहली बार गोरखपुर पहुंचा। भरी हुई मालगाड़ी को लेकर यह इंजन गोरखपुर जंक्‍शन पर आया। इस इंजन को 'मेक इन इंडिया' के तहत मधेपुरा की लोकोमोटिव फैक्ट्री में तैयार किया गया है।


जानकारों के मुताबिक इस इंजन की वजह से देश में मालगाडि़यों के संचालन में क्रांति आ गई। इससे भारी मालवाहक गाड़ियों का सुरक्षित और तेज तरीके से संचलन संभव है। यह इंजन 6000 टन का भार लेकर 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है। इसकी क्षमता 12000 हॉर्सपॉवर है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक यह इलेक्ट्रिक इंजन (लोकोमोटिव) डबल कैब में उपलब्ध है। इंजन पूरी तरह से लेटेस्‍ट तकनीक पर आधारित है।


ड्राइवर के लिए एसी कैब


इंजन का पूरा तंत्र पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। यह इंसुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर (आईजीबीटी) प्रोपल्शन तकनीक से युक्त है। इंजन में लगे री-जेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम के उपयोग से ऊर्जा की खपत में काफी कम हो जाती है। इसमें लोको पायलट के लिए एसी कैब की व्यवस्था है।