*31 मार्च तक 225 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प करना सुनिश्चित करें अधिकारी -मंडलायुक्त*

" कलाम द ग्रेट न्यूज ब्यूरो चीफ जी पी दुबे "

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*31 मार्च तक 225 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प करना सुनिश्चित करें अधिकारी -मंडलायुक्त*

बस्ती 19 जनवरी 2024.

आगनबाड़ी केन्द्रों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं में सुदृढीकरण के संबंध में कन्वर्जेन्स विभागों के साथ मंडल स्तरीय कार्यशाला मंडलायुक्त अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में भारत रत्न पं. अटल बिहारी बाजपेई प्रेक्षागृह में संपन्न हुई।

 उन्होंने निर्देश दिया कि 31 मार्च तक 225 आंगनबाड़ी केद्रों का कायाकल्प विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें। प्रदेश शासन के निर्णय की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आजादी के 75वें वर्ष अमृत काल में प्रत्येक जिले में 75 आंगनबाड़ी केद्रों का इस वर्ष कायाकल्प किया जाना है। उन्होंने कायाकल्प कार्य समय से पूरा करने के साथ अन्य विभागीय योजनाओं पर गंभीरता पूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, बेसिक शिक्षा, पंचायती राज, आईसीडीएस विभाग बेहतर समन्वय बनाते हुए लक्ष्य पूरा करें।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अन्द्रा वामसी ने कहा कि जनपद में मॉडल के लिए चयनित सभी 14 लर्निंग लैब तैयार कर दिया गया है। इसका ग्राम प्रधानों, सचिवों को भ्रमण करके भविष्य के लर्निंग लैब भी तैयार कराए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एस. दुबे ने बताया कि गर्भवती महिला एवं उसके बच्चे के पोषण के लिए शुरुआती 1000 दिन महत्वपूर्ण मानते हुए स्वास्थ्य विभाग कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयरन फोलिक एसिड की 180 तथा कैल्सियम की 360 गोली एक गर्भवती महिला को खिलाने से उसका बच्चा स्वस्थ होगा। कुपोषित बच्चों के लिए जिला चिकित्सालय तथा हर्रैया में पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित किया जा रहा है।

        कार्यशाला में प्रदेश समन्वयक शशि उप्रेती ने बताया कि नई शिक्षा नीति में विद्यालय पूर्व शिक्षा को महत्वपूर्ण मानते हुए प्रदेश के 188782 आंगनबाड़ी केद्रों को सुसज्जित किया जा रहा है। यह कार्य कई चरणों में पूरा किया जाएगा। इस वर्ष प्रदेश में 75000 आंगनबाड़ी केद्रों का कायाकल्प एवं लर्निंग लैब तैयार कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्ती मंडल में 38 आंगनबाड़ी केद्रों को मॉडल के रूप में तैयार किया गया है, जिसको देखकर बाकी आंगनबाड़ी केद्रों का कायाकल्प एवं लर्निंग लैब तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टॉयलेट, स्वच्छ पेयजल, विद्युतीकरण सहित चार कार्यों के लिए 79287 रुपए विभाग द्वारा दिए जाएंगे। शेष 14 पैरामीटर का कार्य अन्य विभागों के कन्वर्जेन्स से कराया जाएगा। इसके लिए सीडीपीओ, बीडीओ तथा एबीएसए कार्ययोजना तैयार करके कार्य कराएंगे। 

        वित्त नियंत्रक राजन उपाध्याय ने बताया कि विभिन्न कार्यों के लिए उपलब्ध कराया गया बजट शतप्रतिशत व्यय नहीं हो रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि इसके कारण भारत सरकार ने बजट रोक दिया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्र के अपग्रेडेशन के लिए रू0 2 लाख तथा नए आंगनबाड़ी केंद्र भवन के लिए रू0 12 लाख दिया जाएगा। टॉयलेट की धनराशि भी 12000 से बढ़ाकर रू0 36000 कर दी गई है।

        यूनिसेफ के मंडल समन्वयक सुरेश तिवारी ने बच्चों में कुपोषण से निपटने के लिए विभागीय योजनाओं पर फोकस करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि टेक होम राशन, हॉट कुक के माध्यम से कुपोषण दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हमें सुनिश्चित करना है कि यह सभी सुविधाएं तथा स्वास्थ्य विभाग की दवाएं उन्हें प्राप्त हो जाए। इस अवसर पर सीडीपीओ सत्येंद्र सिंह ने श्री अन्न को आंगनबाड़ी केद्रों पर बढ़ावा देने की अपील किया। कार्यशाला का संचालन मानवी सिंह ने किया। इसमें सीडीओ जयदेव सीएस, संत कबीर नगर के संत कुमार, प्रभारी अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एके वर्मा, डीडीओ संजय शर्मा, प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी रेखा गुप्ता, बस्ती, सिद्धार्थनगर तथा संतकबीर नगर जनपदों के पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बीडीओ, सीडीपीओ, एबीएसए तथा कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित रहें।

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